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संत प्रेमानंद महाराज: क्यों छोड़ा था घर और क्यों बड़े भाई कभी नहीं मिलते उनसे ?

जन्म और परिचय

कानपुर के सरसौल के अखरी गांव में जन्मे बचपन का नाम: अनिरुद्ध पांडेय पिता: शंभू पांडे (संन्यासी) माता: रमा देवी दुबे (धार्मिक प्रवृत्ति)

5वीं कक्षा में ही भगवद गीता का पाठ शिव भक्त, घंटों मंदिर में पूजा घर के सामने मंदिर में नियमित आराधना

बचपन से आध्यात्मिक झुकाव

घर छोड़ने का कारण

साल 1985, उम्र 13 साल शिव मंदिर के चबूतरे के निर्माण को रोक दिया गया आहत होकर सुबह 3 बजे घर छोड़ दिया सैंमसी शिव मंदिर में 4 साल साधना

वाराणसी और बीमारी

कठिन तपस्या के दौरान तबीयत खराब दोनों किडनी खराब हुईं डॉक्टर ने सलाह दी – वृंदावन जाओ राधारानी की कृपा से सब ठीक होगा

वृंदावन में नई शुरुआत

श्री हित गौरांगी शरण महाराज को गुरु बनाया राधारानी के भक्ति मार्ग में समर्पित शुरुआती नाम: आर्यन ब्रह्मचारी

बड़े भाई क्यों नहीं मिलते ?

गणेश दत्त पांडेय: “हम गृहस्थ हैं, वे संत हैं मुलाकात पर प्रणाम करना पड़ेगा यह गृहस्थ के लिए दोष होगा इसलिए हम उनसे कभी नहीं मिलते”