क्या अर्जुन की सबसे बड़ी कमजोरी यही थी? या एक जीवन बदलने वाला सच?

रणभूमि पर अर्जुन के हाथ कांप गए… सामने अपने ही गुरु, भाई और रिश्तेदार थे।

उसने धनुष नीचे रख दिया और कहा – 'मैं ये युद्ध नहीं कर सकता…'

कृष्ण ने कहा – 'क्लैब्यं मा स्म गमः पार्थ… ये कमजोरी नहीं, तेरा धर्म निभाने का समय है।'

आज भी जब मन डर जाता है, कृष्ण की ये शिक्षा हमें संभालती है – धर्म निभाओ, कर्म करो, फल की चिंता छोड़ो।

ऐसी ही शिक्षाएँ और Gita श्लोक मैं रोज़ Sanatan Swar ऐप पर पढ़ता हूँ। ये मेरी सुबह को शांति और ऊर्जा देता है।

याद रखो… हर इंसान कभी न कभी अर्जुन बनता है, पर कृष्ण हमेशा हमारे साथ होते हैं।"