प्याज-लहसुन हमेशा तामसिक? शास्त्र/परंपरा में context क्या है? प्रस्तावना सनातन धर्म का प्रत्येक पहलू गहन विज्ञान और सूक्ष्म जीवन-दर्शन से ओतप्रोत है। हमारे ऋषियों-मुनियों ने जीवन को समग्रता से देखा…
व्रत में फलाहार ‘डाइट’ नहीं: मनोविज्ञान + आत्म-नियंत्रण प्रस्तावना आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में, जब 'डाइट' शब्द हमारी रोज़मर्रा की बातचीत का हिस्सा बन गया है, तो अक्सर लोग…
व्रत में नमक: सेंधा नमक का logic और गलतफहमी **प्रस्तावना** सनातन धर्म में व्रत और उपवास का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। यह केवल भोजन त्याग का नाम नहीं, अपितु आत्मा…
व्रत में चाय/कॉफी: परंपरा के हिसाब से क्या सही? प्रस्तावना व्रत रखना सनातन धर्म की एक पावन और प्राचीन परंपरा है, जो हमें आत्म-संयम, आत्म-शुद्धि और ईश्वर के समीप ले…
तिथि और मुहूर्त: “दिन” नहीं “तिथि” क्यों ज़्यादा मायने रखती? प्रस्तावना सनातन धर्म का प्रत्येक कण, प्रत्येक विधान ब्रह्मांडीय शक्तियों से गहरा संबंध रखता है। समय की गणना भी मात्र…
शनिवार व्रत: शनि का डर क्यों? “उपाय” vs “अनुशासन” (myth-bust) प्रस्तावना सनातन धर्म में, न्याय के देवता और कर्मफल दाता के रूप में पूजे जाने वाले शनिदेव का नाम सुनते…
शुक्रवार व्रत: लक्ष्मी पूजन में “सफाई” का आध्यात्मिक अर्थ प्रस्तावना शुक्रवार का पावन दिन आदिशक्ति माँ लक्ष्मी को समर्पित है, जो धन, समृद्धि, ऐश्वर्य और शुभता की अधिष्ठात्री देवी हैं।…