शिव जी का “भस्म/जटा”: डर नहीं—वैराग्य का संकेत

शिव जी का “भस्म/जटा”: डर नहीं—वैराग्य का संकेत

शिव जी का “भस्म/जटा”: डर नहीं—वैराग्य का संकेत **प्रस्तावना** देवादिदेव महादेव शिव शंकर का स्वरूप जितना अद्भुत है, उतना ही रहस्यमय भी। उनकी छवि में भस्म और जटा का अपना…
गणेश जी का “मूषक वाहन”: symbolism और गलत व्याख्याएँ

गणेश जी का “मूषक वाहन”: symbolism और गलत व्याख्याएँ

गणेश जी का “मूषक वाहन”: symbolism और गलत व्याख्याएँ प्रस्तावना सनातन धर्म की अनमोल धरोहर में भगवान श्री गणेश का स्थान अद्वितीय है। वे प्रथम पूज्य, विघ्नहर्ता और बुद्धि के…
हनुमान जी ने सूर्य को फल क्यों समझा? कथा का deeper meaning

हनुमान जी ने सूर्य को फल क्यों समझा? कथा का deeper meaning

हनुमान जी ने सूर्य को फल क्यों समझा? कथा का deeper meaning प्रस्तावना सनातन धर्म की भूमि पर जन्मी अनेकों कथाएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं, अपितु जीवन के गहरे…
रावण: विद्वान था तो गलत क्यों? ज्ञान बनाम अहंकार

रावण: विद्वान था तो गलत क्यों? ज्ञान बनाम अहंकार

रावण: विद्वान था तो गलत क्यों? ज्ञान बनाम अहंकार प्रस्तावना सनातन धर्म की भूमि पर ऐसे अनेक पात्र हुए हैं जिनके जीवन और चरित्र में गहन शिक्षाएं निहित हैं। इनमें…
विभीषण को “गद्दार” कहना सही? धर्म बनाम रिश्तेदारी

विभीषण को “गद्दार” कहना सही? धर्म बनाम रिश्तेदारी

विभीषण को “गद्दार” कहना सही? धर्म बनाम रिश्तेदारी **प्रस्तावना** सनातन धर्म के विशाल ग्रंथ रामायण में अनेक ऐसे पात्र हैं जिनके चरित्र की गहराई हमें जीवन के गूढ़ रहस्यों से…
रामायण: “सीता अग्निपरीक्षा” पर आम गलतफहमियाँ

रामायण: “सीता अग्निपरीक्षा” पर आम गलतफहमियाँ

रामायण: “सीता अग्निपरीक्षा” पर आम गलतफहमियाँ प्रस्तावना सनातन धर्म के परम पावन ग्रंथ रामायण में वर्णित प्रत्येक प्रसंग अपने भीतर गहन आध्यात्मिक अर्थ और जीवन के गूढ़ सिद्धांतों को समेटे…
महाभारत: “कर्ण बनाम अर्जुन” मिथक—क्या सच, क्या लोककथा?

महाभारत: “कर्ण बनाम अर्जुन” मिथक—क्या सच, क्या लोककथा?

महाभारत: “कर्ण बनाम अर्जुन” मिथक—क्या सच, क्या लोककथा? प्रस्तावना महाभारत का युद्ध केवल एक संग्राम नहीं, अपितु धर्म और अधर्म के बीच, न्याय और अन्याय के बीच, मोह और मुक्ति…
कृष्ण लीला: रास लीला को लोग गलत क्यों समझते हैं? सही संदर्भ

कृष्ण लीला: रास लीला को लोग गलत क्यों समझते हैं? सही संदर्भ

कृष्ण लीला: रास लीला को लोग गलत क्यों समझते हैं? सही संदर्भ प्रस्तावना ब्रज की पावन भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण ने जो अनमोल लीलाएँ रचीं, उनमें रास लीला का स्थान…
अवतार का मतलब “जन्म” नहीं—धर्म की रक्षा का सिद्धांत

अवतार का मतलब “जन्म” नहीं—धर्म की रक्षा का सिद्धांत

अवतार का मतलब “जन्म” नहीं—धर्म की रक्षा का सिद्धांत प्रस्तावना ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों में से एक है 'अवतार' का सिद्धांत। सनातन धर्म में 'अवतार' शब्द का प्रयोग अत्यंत विशिष्ट…
एक ही देवता के इतने रूप क्यों? (रुद्र/अवतार) confusion दूर करें

एक ही देवता के इतने रूप क्यों? (रुद्र/अवतार) confusion दूर करें

एक ही देवता के इतने रूप क्यों? (रुद्र/अवतार) confusion दूर करें प्रस्तावना सनातन धर्म की विशालता और गहराई में डूबते हुए, अक्सर भक्तों के मन में यह प्रश्न उठता है…